डॉ. भीमराव अम्बेडकर: एक युगपुरुष की अमर विरासत
आज 6 दिसंबर के दिन हम डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर—बाबा साहेब—को उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। यह दिन केवल कैलेंडर की तिथि नहीं है, बल्कि भारत के संविधान के शिल्पकार, समानता के प्रहरी और करोड़ों वंचितों की आवाज रहे एक महान व्यक्तित्व का स्मरण है। दिसंबर की यह सुबह हमें याद दिलाती है कि एक व्यक्ति अपनी शिक्षा, संघर्ष और दृढ़ संकल्प के बल पर पूरे देश की दिशा बदल सकता है। आइए, इस लेख की शुरुआत हम बाबा साहेब के जीवन, उनके विचारों और उनकी अमर विरासत को समझने से करते हैं। 6 दिसंबर – महापरिनिर्वाण दिवस पर विशेष 6 दिसंबर भारतीय इतिहास का वह दिन है जब हमने देश के सबसे महान मानवतावादी, ज्ञानयोगी, न्यायप्रिय और करोड़ों वंचितों के मसीहा डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर को खो दिया। यह दिन हमें उनके संघर्ष, विचारों और उनके द्वारा दिए गए उस अमूल्य संविधान की याद दिलाता है जिसने भारत को एक आधुनिक लोकतांत्रिक राष्ट्र बनाया। डॉ. अम्बेडकर केवल एक नेता नहीं थे, वे समानता के योद्धा , कानूनविद , अर्थशास्त्री , समाज सुधारक और सबसे बढ़कर ...